पलामू समाचार केंद्र प्रतिनिधि मेदिनीनगर पलामू धर्मेन्द्र कुमार सिंह मो - 8340727986 लातेहार: जिले के निंद्रा और महुआ मिलान रेलवे स्टेशन के बीच स्थित कुत्रीटोला के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से घायल हुए हाथी के बच्चे की मौत हो गई. घटना के बाद हाथियों के झुंड ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया था. काफी प्रयास के बाद रात 1 बजे अपलाइन पर परिचालन शुरू किया गया. इसके बाद मंगलवार सुबह 6 बजे डाउन लाइन पर परिचालन शुरू हुआ. मालगाड़ी की चपेट में कैसे आया हाथी के बच्चे दरअसल, सोमवार रात निंद्रा और महुआ मिलान रेलवे स्टेशन के बीच कुत्रीटोला गांव के निकट स्थित जंगल के पास हाथियों का झुंड रेलवे लाइन क्रॉस कर रहा था. इसी बीच एक मालगाड़ी आ गई, जिसके चपेट में आकर एक हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया था. जिसकी बाद में मौत हो गई. घटना के बाद हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर जमा हो गया था. इसके कारण बरकाकाना-बरवाडीह रेलवे सेक्शन पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया था. घटना की जानकारी मिलने के बाद रेलवे विभाग और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर हाथियों के झुंड को रेलवे ट्रैक से हटाने का...
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प्रतिनिधि मेदिनीनगर पलामू
धर्मेंद्र कुमार सिंह
मो- 8340727986
डाल्टनगंज: हाथी की मौत के बाद जंगल बना रणभूमि, बरवाडीह से वापस लौटाई गई बनारस–विशाखापत्तनम ट्रेन
सोमवार की रात रेलवे इतिहास में एक बार फिर डर और रोमांच से भरी कहानी बन गई। बनारस से चलकर विशाखापत्तनम जा रही ट्रेन संख्या 18524 अपने तय समय रात 9:47 बजे से देरी से चल रही थी। ट्रेन जब रात करीब 11 बजे डाल्टनगंज पहुँची, तब तक किसी को अंदेशा नहीं था कि आगे का सफर थम जाएगा।
बताया जाता है कि शाम के समय घने जंगल क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर अचानक एक जंगली हाथी आ गया। तेज़ रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से हाथी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के कुछ ही देर बाद पूरा इलाका हाथियों के चिंघाड़ से गूंज उठा।
👉 मृत हाथी के बाद पूरा झुंड ट्रैक पर उतर आया
हाथी की मौत से आक्रोशित पूरे झुंड ने रेलवे ट्रैक को चारों ओर से घेर लिया। ट्रैक पर खड़े हाथी, उनकी तेज़ आवाज़ें और अंधेरी रात—मंजर इतना खौफनाक था कि ट्रेन चालक और रेलकर्मी भी सहम गए। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए ट्रेन को आगे बढ़ाने की हिम्मत नहीं की गई।
👉 बरवाडीह स्टेशन बना फैसला लेने का गवाह
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को बरवाडीह रेलवे स्टेशन पर रोका गया। रात करीब 2:00 बजे बड़ा फैसला लिया गया—
🚆 ट्रेन को आगे नहीं, बल्कि वापस वाराणसी भेजा जाएगा।
👉 यात्रियों में अफरा-तफरी, लेकिन राहत भी
अचानक सफर खत्म होने की सूचना से यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि रेलवे प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए सभी यात्रियों के टिकट वापस लेकर पूरा रिफंड देने की व्यवस्था की।
🌲 जंगल और रेलवे का टकराव एक बार फिर सामने
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि जंगलों से गुजरने वाले रेल मार्गों पर वन्यजीवों की सुरक्षा और रेल संचालन के बीच संतुलन कितना जरूरी है।
📌 एक रात, एक हादसा और हाथियों का आक्रोश—
जिसने 18524 ट्रेन को मंज़िल से पहले ही वापस मोड़ दिया।
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