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चेचनहा विद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक  निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...

सुशांत सिंह राजपूत की फिल्‍म 'छिछोरे' को सर्वश्रेष्‍ठ राष्‍ट्रीय फिल्‍म का अवार्ड मिला, भावुक पिता ने कहा कि काश, आज वो जिंदा होता

पलामू समाचार केंद्र  दीपक तिवारी +917979886793  विज्ञापन  बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्‍म 'छिछोरे' को सर्वश्रेष्‍ठ राष्‍ट्रीय फिल्‍म का अवार्ड मिला है। सुशांत अब इस दुनिया में नहीं रहे। बीते साल मुंबई स्थित अपने फ्लैट में लटकता उनका शव मिला था। आज उनकी फिल्‍म को सर्वश्रेष्‍ठ फिल्‍म का अवार्ड मिलने पर उनके पिता केके सिंह की आंखें भर आईं। भावुक पिता ने कहा कि काश, आज वो जिंदा होता। सुशांत सिंह राजपूत की फिल्‍म को राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार मिलने से पटना स्थित उनकी कॉलोनी में लोगों में खुशी देखी गई।काश! आज जिंदा होते सुशांत केके सिंह ने कहा कि बेटे की मौत से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई तो मुश्किल है, लेकिन राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार मिलने से कुछ खुशी हुई है। उन्‍होंने कहा कि काश, आज सुशांत की मां जिंदा होतीं, सुशांत भी होते तो कितना अच्‍छा होता। मां-बेटे में जो लगाव था, उनकी याद आ रही है। प्‍यार से उसका नाम बुलशन रखा था, लेकिन मेरा तो गुलशन ही उजड़ गया। उसकी सफलता का सपना देखा था, लेकिन बहुत सारे सपने अधूरे रह गए हैं। बेटे की जिंदगी से मिलती है फिल्‍म फिल्‍म छि...