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चेचनहा विद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक  निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...

झारखंड में सरना धर्म कोड आदिवासियों की मांग पर नही

 पलामू समाचार केंद्र  दीपक तिवारी +917979886793 झारखंड में सरना धर्म कोड आदिवासियों की मांग पर नहीं, ईसाई मिशनरियों की मांग पर विधानसभा से पारित कराया गया। पिछले वर्ष 19 सितंबर को अंडमान निकोबार, नगालैंड व मध्यप्रदेश के मंडला जिले से ईसाई मिशनरियों के फादर झारखंड के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जाकर मिलते हैं और चुनाव में किए गए वादों को याद कराते हैं। उनसे सरना धर्म कोड विधानसभा से पारित कराने की मांग करते हैं। उसके बाद 11 नवंबर को आधे घंटे में विधानसभा से इसे पारित कर दिया गया। यह सब अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत भारत को टुकड़े करने की चाल है। इसके लिए झारखंड की धरती पर षड्यंत्र रची जा रही है, परंतु ईसाई मिशनरियां कान खोल कर सुन ले कि हमारा समाज पाहन- पुजार से ही चलेगा, वेटिकन सिटी से नहीं।उक्त बातें जनजाति सुरक्षा मंच के प्रदेश संयोजक संदीप उरांव ने कही।

सरना धर्म कोड' पर झारखण्ड में गरमाई राजनीति, भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर लगाया धर्मांतरण छिपाने का आरोप

 पलामू समाचार केंद्र  दीपक तिवारी +917979886793  झारखण्ड में सरना धर्म कोड को लेकर राजनीति गरमा गई है. एक तरफ सरना बनाम आदिवासी धर्मकोड का मुद्दा गरम हो रहा है तो दूसरी तरफ भाजपा ने इस तमाम मुद्दे को कांग्रेस पार्टी का हिडेन एजेंडा बताकर दीपावली से पहले पॉलिटिकल बम फोड़ दिया है.एक ओर झारखण्ड के अलग-अलग आदिवासी संगठन सरना बनाम आदिवासी धर्म कोड की मांग को लेकर आमने-सामने हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा ने इस पूरे मुद्दे के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ बताया है. भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी धर्मकोड के नाम पर पर्दे के पीछे धर्मांतरण छिपाने का खेल कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखण्ड में आदिवासियों का लगातार ईसाई धर्म में धर्मांतरण किया जा रहा है. भाजपा विधायक ने कहा कि अगर ईसाई मिशनरियों को आदिवासी समाज का विकास करना ही है तो बिना धर्मांतरण के ही उनका विकास क्यों नहीं करते. धर्म कोड के नाम पर झारखण्ड में दोनों राष्ट्रीय पार्टियां आमने-सामने है और एक दूसरे पर जमकर आरोप भी लगा रहे हैं.

सरना समिति का खुला ऐलान, जो विधायक सरना धर्म कोड बिल के समर्थन में झारखण्ड विधानसभा में नहीं बोलेंगे, उसे आदिवासियों का वोट नहीं मिलेगा

 पलामू समाचार केंद्र  दीपक तिवारी +917979886793  झारखण्ड में सरना धर्म कोड को लेकर अब निर्णायक जंग की शुरुआत हो चुकी है. झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार ने आदिवासियों की सबसे बड़ी मांग 'सरना धर्म कोड' को लेकर आगामी 11 नवम्बर 2020 को झारखण्ड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है. इस सत्र में सरना धर्म कोड का प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. इस सत्र से पहले आदिवासी समाज भी अपने सबसे बड़े अधिकार को लेकर पूरी तरह से एकजुट हो गया है. आदिवासी संगठन जहां एक ओर 11 नवम्बर की तारीख को ऐतिहासिक बनाने को लेकर तैयारी कर रहे हैं, तो वहीं संगठनों की ओर से झारखण्ड के सभी विधायकों को सीधी चेतावनी भी दे दी गयी है कि यदि सरना धर्म कोड पर विधानसभा में नहीं बोले, तो आदिवासियों का वोट नहीं मिलेगा. सरना समिति सह सरना प्रार्थना सभा की बैठक रविवार को नामकुम के खरसीदाग सरना स्थल में हुई. इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया