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चेचनहा विद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक  निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...

माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यों के राज्यपाल एवं उप राज्यपाल तथा राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ उच्चतर शिक्षा के रूपांतरण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 की भूमिका पर आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन शामिल हुए l

पलामू समाचार केंद्र दीपक कुमार तिवारी +917979886793 नई शिक्षा नीति निजीकरण एवं व्यापारीकरण को बढ़ावा दे रही है जिससे अवसर की समानता के मौलिक अधिकार पर आघात होगा । समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय होने के बाद भी राज्यों से इस सम्बन्ध में बात नहीं करना सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना को चोट पहुंचाता है । इस नीति को लागू करने के लिए बजट का प्रावधान कहाँ से किया जाएगा वह स्पष्ट नहीं है। नई शिक्षा नीति में आदिवासी/दलित/ पिछड़े/ गरीब/ किसान-मजदूर के बच्चों के हितों की रक्षा करने सम्बन्धी प्रावधानों में स्पष्टता का अभाव ।  रोजगार नीति पर कोई चर्चा नहीं की गयी है। क्षेत्रीय भाषाओँ पर चर्चा करने वक़्त सिर्फ आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भाषाओँ का जिक्र एक बहुत बड़े वर्ग के साथ नाइंसाफी होगी । झारखण्ड जैसे भौगोलिक रूप से पिछड़े/ दुर्गम क्षेत्र को नयी नीति से हानि उठानी पड़ेगी ।  श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री शिक्षा नीति पर अपनी बात रखते हुए श्री सोरेन ने कहा कि आजादी के बाद यह सिर्फ तीसरा मौक़ा है जब शिक्षा नीति पर चर्चा हो रही है , सर्वप्रथम मैं इस पहल के लिए क...