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चेचनहा विद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक  निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में CGTTCE 2016 के अंतर्गत जेएसएससी के माध्यम से नियुक्त 13 अनुसूचित जिला के शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की

पलामू समाचार केंद्र दीपक कुमार तिवारी +917979886793 मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में CGTTCE 2016 के अंतर्गत जेएसएससी के माध्यम से नियुक्त 13 अनुसूचित जिला के शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को CGTTCE 2016 के अंतर्गत जेएसएससी के माध्यम से नियुक्त 13 अनुसूचित जिला के शिक्षकों की नौकरी की रक्षा से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विगत 21 सितंबर 2020 को सोनी कुमारी बनाम झारखंड सरकार मामले में नियोजन नीति रद्द होने के बाद CGTTCE 2016 के अंतर्गत जेएसएससी के माध्यम से नियुक्त 13 अनुसूचित जिला के शिक्षकों की नौकरी संकट में आ गई है। प्रतिनिधिमंडल में मनमोहन प्रसाद, मनोज राउत, एम विलियम हो, अलीस सवैयां, बी एस नायक, राजेश कुमार, मंजू कुमारी सीमा कुमारी एवं निशा पन्ना मौजूद थे।

नियोजन नीति 2016 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा असंवैधानिक मानते हुए 13 अनुसूचित जिलों की न्युक्ति रद्द करने के फ़ैसला के विरूद्ध झारखंड सरकार को बिना देर किये सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए

पलामू समाचार केंद्र दीपक कुमार तिवारी +917979886793 नियोजन नीति 2016 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा असंवैधानिक मानते हुए 13 अनुसूचित जिलों की न्युक्ति रद्द करने के फ़ैसला के विरूद्ध झारखंड सरकार को बिना देर किये सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए।  ये बाते आदिवासी सरना धर्म गुरू बंधन तिग्गा ने उनसे मिलने आये प्रभावित शिक्षकों से कही, उनहोंने कहा कि फैसला झारखंडी अभियार्थियो के लिए नुकसान दायक और बाहरी अभियार्थी के लिए लाभदायक है सरकार को इस पर गम्भीरता से विचार करना चाहिए। धर्म गुरू ने कहा कि जिलावार हाई स्कूल शिक्षक बहाली में 13 अनुसूचित जिलों में उक्त जिला के आदिवासी मूलवासी ही बहाल हुए संविधान में अनुसूचित जिलों को विशेष अधिकार प्राप्त है, टीएससी के अनुसंशा पर राज्यपाल कानून बना सकते है, वहीं संविधान भी विशेष परिस्थिति में अवसर प्रदान करती है। उनहोंने कहा सबसे ज्यादा बहारी लोगों को अवसर 11 जिला में मिला है लेकिन न्यायल का ध्यान इस ओर आकृष्ट नही कराया गया। जबकि  अनुसूचित जिलों व क्षेत्रों में विशेष प्रावधान के तहत वहां के निवासियों को अवसर दिया जाता है।

झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के नियोजन नीति जिसमें 13 जिले को आरक्षित और 11 जिले को गैर आरक्षित रखा गया था उसे चुनौती देने वाली याचिका पर आज अपना फैसला सुनाया है।

पलामू समाचार केंद्र दीपक कुमार तिवारी +917979886793 झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के नियोजन नीति जिसमें 13 जिले को आरक्षित और 11 जिले को गैर आरक्षित रखा गया था उसे चुनौती देने वाली याचिका पर आज अपना फैसला सुनाया है।अदालत ने राज्य सरकार के 18000 शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के लिए निकाले गए विज्ञापन को खारिज कर दिया है।

झारखंड हाईकोर्ट ने 100 फीसद आरक्षण को गलत ठहराया, 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी रद

पलामू समाचार केंद्र दीपक कुमार तिवारी +917979886793  झारखंड हाई कोर्ट ने नियोजन नीति मामले में सोमवार को बड़ा फैसला देते हुए स्थानीय लोगों के लिए 100 फीसद आरक्षण को गलत ठहाराया है। झारखंड सरकार द्वारा बनाए व लागू किए गए नियोजन नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट की पूर्ण पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को रद कर दिया है। इसके अलावा नियोजन नीति को भी हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। कुछ दिन पूर्व ही इस मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने राज्य की नियोजन नीति को सही ठहराते हुए अदालत में कहा कि झारखंड की कई परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही यह नीति बनाई गई है। प्रार्थी सोनी कुमारी व अन्य ने राज्य की स्थानीय नीति को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर नियोजन नीति को चुनौती दी है। पूर्ण पीठ में न्यायमूर्ति हरीश चंद्र मिश्रा, न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति दीपक रोशन शामिल हैं। पिछली सुनवाइयों के दौरान अदालत ने 11 जिलों से स्थगन हटा दिय...

झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रद!

पलामू समाचार केंद्र दीपक कुमार तिवारी +917979886793 झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, नियोजन नीति को किया निरस्‍त, 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी रद  कुछ दिन पूर्व ही इस मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने नियोजन नीति को सही ठहराया।  झारखंड हाई कोर्ट ने नियोजन नीति मामले में आज बड़ा फैसला दिया है। झारखंड सरकार द्वारा बनाए व लागू किए गए नियोजन नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट की पूर्ण पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। इसके अलावा नियोजन नीति को भी हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। कुछ दिन पूर्व ही इस मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने राज्य की नियोजन नीति को सही ठहराते हुए अदालत में कहा कि झारखंड की कई परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही यह नीति बनाई गई है। प्रार्थी सोनी कुमारी व अन्य ने राज्य की स्थानीय नीति को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर नियोज...

2016 में बनी नियोजन नीति लागू नहीं होगी

पलामू समाचार केंद्र दीपक कुमार तिवारी +917979886793  झारखंड सरकार द्वारा लागू नियोजन नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाइकोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार के फैसले को गलत करार दिया है. हाइकोर्ट के आदेश के बाद अब झारखंड में वर्ष 2016 में बनी नियोजन नीति लागू नहीं होगी. हाइकोर्ट की तीन न्यायाधीशों की बृहद खण्डपीठ ने सर्वसम्मति से यह आदेश पारित किया है. तीन जजों की बृहद खण्डपीठ में जस्टिस एचसी मिश्र,जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस दीपक रोशन शामिल हैं। यहां बता दें कि अब तक सरकार की नियोजन नीति में अनुसूचित जिलों में गैर अनुसूचित जिलों के लोगों को नौकरी के लिए अयोग्य माना गया था. जबकि अनुसूचित जिलों के लोग गैर अनुसूचित जिले में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते थे. लेकिन हाइकोर्ट के आदेश के बाद अब झारखंड के किसी भी जिले का निवासी राज्य के किसी एक जिले से नौकरी के लिए आवेदन दे सकता है। प्रार्थी सोनी कुमारी ने दायर की थी याचिका नियोजन नीति को चुनौती देते हुए प्रार्थी सोनी कुमारी के द्वारा याचिका दायर की गयी थी. जिसमें कहा गया था कि प्रार्थी गैर अनुसूच...