पलामू समाचार केंद्र प्रतिनिधि मेदिनीनगर पलामू धर्मेन्द्र सिंह मो- 8340727986 रांची: लोहरदगा क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से बाधित चल रही रांची–लोहरदगा रेल सेवा का संचालन आज से पुनः शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही लोहरदगा–टोरी रेल मार्ग पर भी ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह सामान्य हो गया है। रेल सेवा बहाल होने से रांची, लोहरदगा और टोरी के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। खासकर रोजाना आवागमन करने वाले मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सुविधा बेहद लाभकारी साबित होगी। अब लोगों को लंबी दूरी सड़क मार्ग से तय करने की मजबूरी नहीं रहेगी। रेलवे विभाग द्वारा सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि समय सारणी के अनुसार नियमित परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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प्रतिनिधि मेदिनीनगर पलामू
धर्मेन्द्र कुमार सिंह
मो - 8340727986
लातेहार: जिले के निंद्रा और महुआ मिलान रेलवे स्टेशन के बीच स्थित कुत्रीटोला के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से घायल हुए हाथी के बच्चे की मौत हो गई. घटना के बाद हाथियों के झुंड ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया था. काफी प्रयास के बाद रात 1 बजे अपलाइन पर परिचालन शुरू किया गया. इसके बाद मंगलवार सुबह 6 बजे डाउन लाइन पर परिचालन शुरू हुआ.
मालगाड़ी की चपेट में कैसे आया हाथी के बच्चे
दरअसल, सोमवार रात निंद्रा और महुआ मिलान रेलवे स्टेशन के बीच कुत्रीटोला गांव के निकट स्थित जंगल के पास हाथियों का झुंड रेलवे लाइन क्रॉस कर रहा था. इसी बीच एक मालगाड़ी आ गई, जिसके चपेट में आकर एक हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया था. जिसकी बाद में मौत हो गई.
घटना के बाद हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर जमा हो गया था. इसके कारण बरकाकाना-बरवाडीह रेलवे सेक्शन पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया था. घटना की जानकारी मिलने के बाद रेलवे विभाग और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर हाथियों के झुंड को रेलवे ट्रैक से हटाने का प्रयास शुरू किए. लेकिन हाथी इतने उग्र थे कि उन्हें वहां से हटाना काफी मुश्किल हो गया था.
हालांकि देर रात लगभग 12:00 बजे अधिकारियों ने अपलाइन को क्लियर करवा लिया. इसके बाद अपलाइन से ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया. रेलवे विभाग के स्टेशन सुपरिटेंडेंट रंजीत कुमार ने बताया कि सुबह 6:00 बजे के बाद दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है.
सुबह होने के बाद जंगल की ओर भागे हाथी
इधर, घटना से आक्रोशित हाथी रात भर रेलवे ट्रैक के आसपास ही जम रहे. लेकिन जैसे-जैसे सुबह हुई वैसे ही हाथी जंगल की ओर चले गए. इस संबंध में रेंजर नंदकुमार महतो ने बताया कि मालगाड़ी की चपेट में आने से एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई. देर रात तक रेलवे ट्रैक पर हाथियों का झुंड जमा था. हालांकि सुबह में सभी हाथी जंगल की ओर चले गए. मृतक हाथी के बच्चे को पोस्टमार्टम के बाद दफन कर दिया जाएगा.
पहले भी इस तरह हो चुकी है हाथी की मौत
घटना में हाथी के बच्चे की मौत के बाद ग्रामीण भी काफी मायूस नजर आए. ग्रामीणों ने मृतक हाथी के बच्चे को पारंपरिक रूप से कफन से ढक दिया और इसका विधिवत पूजन भी किया. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी को वे लोग भगवान गणेश का रूप मानते हैं. घटना में हाथी की मौत से वे लोग काफी आहत हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले इसी स्थान के आसपास ट्रेन की चपेट में आने से एक अन्य हाथी के बच्चे की मौत हो गई थी. ग्रामीणों ने फॉरेस्ट डिपार्मेंट और रेलवे डिपार्टमेंट से मांग की है कि इस स्थान पर सुरक्षा के उपाय किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना ना हो.
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