पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
मेदिनीनगर प्रतिनिधि
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल मेदिनीनगर कार्यालय की ओर से जल जीवन मिशन अंतर्गत सभी ग्रामीण परिवारों, विद्यालयों ,आंगनवाड़ी केंद्रों ,स्वास्थ्य केंद्र ,पंचायत भवन एवं आश्रम शालाओं आदि को 2024 तक नल से शुद्ध जल उपलब्ध कराया जाना है। इसके लिए प्रत्येक ग्रामों में जल जीवन मिशन के सभी अवयवों को लेकर जल जागरूकता रथ एवं जल रथ चलाई जा रही है। बैनर-पोस्टर के साथ माइकिंग के माध्यम से जमीनी स्तर पर पानी की गुणवत्ता का पहचान कैसे की जानी है एवं जल गुणवत्ता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है।विज्ञापन
इसके तहत आज जागरूकता रथ को रवाना किया गया। कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। उनके साथ सहायक अभियंता हरेराम सिंह, कनीय अभियंता रणवीर सिंह, जिला समन्वयक, जल जीवन मिशन के अश्वनी कुमार पांडेय, अंचल समन्वयक अवधेश कुमार सिंह एवं प्रमंडलीय रोकडपाल ललन कुमार भी थे। सभी ने संयुक्त रूप से जल रथ एवं जन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाया। साथ ही आज जल गुणवत्ता निगरानी एवं अनुश्रवण गतिविधियों पर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत प्रखंड मेदनीनगर, सतबरवा पंड़वा , पाटन चयनित 40 जलसहिया को जल गुणवत्ता, निगरानी एवं अनुश्रवण गतिविधियों पर प्रशिक्षण दिया गया। इनके द्वारा ग्राम स्तर पर ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। इसके तहत कुल 15 बैच प्रशिक्षण का आयोजन किया जायेगा, जिसमें कुल 600 चयनित जलसहिया, महिला वार्ड सदस्य, स्वयं सहायता समूह के सदस्य इत्यादि को प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षक के द्वारा बताया गया कि पानी की गुणवत्ता के बारे में जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा संबंध लोगों की सेहत और खुशहाली से है। पानी की गुणवत्ता की जांच और निगरानी के ढांचे में विभाग की तरफ से दृष्टिकोण में बदलाव आया है। इसे एक सामुदायिक अधिकार के तौर पर विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है। सिर्फ टीडीएस को पानी की गुणवत्ता का मापदंड मानकर आरओ खरीदना सही नहीं। विशेषज्ञों ने बताया कि आरओ का विकास ऐसे क्षेत्रों के लिए किया गया है, जहां पानी में घुलित खनिजों (टीडीएस) की अत्यधिक मात्रा पायी जाती है। सभी हाई स्कूल/ कॉलेजों के बच्चें को भी जल गुणवत्ता पर जागरूक किया जाएगा। प्रशिक्षण में क्वालिटी मैनेजर वर्षा कुमारी के द्वारा जल जांच कर दिखाया गया।
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