पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
मेदिनीनगर प्रतिनिधि
जन्मजात ऑर्थोपेडिक विसंगति-क्लबफुट का उपचार संभव है। इलाज के बाद पैर वापस सामान्य स्थिति में आ सकते हैं। क्लबफुट एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चों के पैर अंदर की तरफ मुड़े होते हैं और इस कारण वे सामान्य रूप से चलने-फिरने में अक्षम होते हैं। समय पर उपचार कराने के बाद बच्चों को इस विकार से छुटकारा दिलाया जा सकता है और उन्हें चलने-फिरने में सक्षम बनाया जा सकता है। यह बातें सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कही। वे बुधवार को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में बच्चों में क्लब फुट की पहचान के लिए आयोजित शिविर में वह बोल रहे थे। इस शिविर में कुल 15 बच्चों के इलाज हेतु चिन्हित किया गया। शिविर का आयोजन झारखण्ड सरकार के स्वास्थ्य विभाग और क्योर इंडिया के सहयोग से किया गया था। शिविर में पाटन प्रखंड, चैनपुर, लेस्लीगंज, छतरपुर, हरिहरगंज और पंडवा प्रखंड से बच्चे की पहचान की गई है, जिनका इलाज रांची के सदर अस्पताल में क्योर के सहयोग से निःशुल्क किया जायेगा। इसमे 7 लड़के और 8 लड़कियां हैं।
डीपीएम दीपक गुप्ता ने कहा कि अनुसार आज की तनावपूर्ण और भाग-दौड़ भरी जिंदगी के कारण लोगों को अपने जीवन में अनेक नई असमान्यताओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह की एक नई असमान्यता क्लबफुट स्थिति है यानी अंदर की तरफ मुड़ी हुई पैरों की अंगुलियां। यह एक जन्मजात ऑथोर्पेडिक विसंगति है जो ट्रीटमेंट के बाद वापस पहले जैसी स्थिति में आ सकती है। विज्ञापन
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. रोहित पांडेय ने कहा कि यह एक जन्मजात दोष है, जिसमें पैर या तो अंदर की तरफ या नीचे की ओर घुमे हुए होते हैं। नतीजतन, इन बीमारियों से पीड़ित बच्चे बिल्कुल भी नहीं चल पाते हैं, यहां तक कि वे खुद बाथरूम तक भी नहीं जा पाते हैं।
क्लबफुट के लक्षण
क्योर की राज्य समन्वयक रोजलिना कुजूर ने बताया कि निदान के दौरान क्लबफुट के लक्षण सामने आने पर रोगी को दिया जाने वाला उपचार निर्धारित किया जा सकता है। डॉक्टर आसानी से क्लबफुट का निदान कर सकते हैं। कभी-कभी पैर अंदर की ओर या नीचे की ओर घूम जाते हैं। हालांकि क्लबफुट में कोई दर्द नहीं होता है, लेकिन हित में है कि रोग के लाइलाज होने से पहले जल्द से जल्द इसका उपचार किया जाए। कार्यक्रम में सभी ब्लॉक के आरबीएसके के डॉक्टर और क्योर इंडिया के प्रभु रंजन मिश्रा उपस्थित थे।
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