पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
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दीपक तिवारी
मेदिनीनगर प्रतिनिधि
राँची: झारखंड में पंचायत चुनाव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. चुनाव चिन्ह और बैलेट पेपर का कलर भी तय हो चुके हैं. इसी बीच चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च की सीमा भी तय की जा रही है. राज्य के पंचायत चुनाव में मुखिया प्रत्याशी अधिकतम 40 हज़ार ही खर्च कर पाएंगे. वहीं ज़िला परिषद प्रत्याशी को एक लाख खर्च करने की छूट मिलेगी. झारखंड में ऐसा बिहार की नियमावली को लेते हुए खर्च सीमा तय की जा रही है. हालांकि मतदान की प्रक्रिया को अधिसूचना का इंतजार है.
क्या है बिहार में प्रावधान.....
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान कोई भी उम्मीदवार मनमाना खर्च नहीं कर पाएगा. चुनाव आयोग ने सभी पदों के क्षेत्र व जनसंख्या के मुताबिक चुनाव में खर्च की सीमा तय कर दी है. वार्ड सदस्य व पंचायत प्रत्याशी 20 हजार रुपये तक चुनाव में खर्च कर सकते हैं, जबकि मुखिया व सरपंच प्रत्याशी 40 हजार ही खर्च कर पाएंगे. इसके अलावा पंचायत समिति सदस्य के पद पर चुनाव लड़ने वालों के लिए अधिकतम 30 हजार रुपये खर्च की सीमा तय की गई है.विज्ञापन
क्षेत्र बड़ा होने के कारण जिला परिषद प्रत्याशी को एक लाख रुपये तक खर्च करने की छूट दी गई है. वहीं आयोग ने पंचायत समिति सदस्य के पद पर चुनाव लड़ने वालों के लिए अधिकतम 30 हजार रुपये खर्च की सीमा तय कर दी है. सभी प्रत्याशी को तय सीमा में ही खर्च करनी पड़ेगी. प्रत्येक पद के प्रत्याशी निर्धारित राशि के अंदर ही खर्च कर सकेंगे. चुनाव में खर्च की गई राशि का हिसाब भी सभी को देना पड़ेगा. प्रत्याशियों को मतों की गणना का कार्य संपन्न होने के बाद चुनाव खर्च का ब्यौरा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा. अगर इस बार कोई प्रत्याशी खर्च का हिसाब नहीं देते हैं तो अगले चुनाव में वैसे प्रत्याशी चुनाव से वंचित रह सकते हैं.
राज्य निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि प्रत्याशियों के खर्च तय करने सम्बन्धी कार्रवाई चल रही है. बिहार में जो प्रावधान है उसकी प्रति मंगाई गई है. इस पर काम चल रहा है।।
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