पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
मेदिनीनगर प्रतिनिधि
धर्म का 46 वां साल गिरह मनाते हुए कहा की
वन एवं वन्य प्राणी भी पर्यावरण के अंग हैं जिसकी सुरक्षा सबका दायित्व : कौशल
लातेहार जिले के पतकी वन क्षेत्र में विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्मगुरु व वन राखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल ने वन प्राणियों को भोजन कराते हुए पर्यावरण धर्म के 46 वां साल गिरह मनाया। उन्होंने कहा है कि पर्यावरण, प्रकृति, वन एवं पशु पक्षी और ब्राह्मणड के 84 लाख योनि जीवों की संरक्षित व सुरक्षित एवं वनों को कटने से रोकने के उद्देश्य के 1976 में विधिवत पर्यावरण धर्म की शुरुआत की थी।
उन्होंने पर्यावरण धर्म के 8 मूल ज्ञान मंत्रों को जीवन मे आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण धर्म की लोकप्रियता इतनी तेजी से बढा की उन्हें अपनी जन्म भूमि ग्राम पंचायत डाली बाजार में निजी पार्क व जैविक उद्यान में पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर का निर्माण कार्य हो रहा है । जिसका शिलान्यास पलामू प्रमंडल के आयुक्त जटाशंकर चौधरी के द्वारा 9 जुलाई को किया गया है। 1977 में पर्यावरण धर्म के तहत ग्रामीणों के साथ नेपाल भूटान समेत देश के 22 राज्यों के 85 जिलों में 7 लाख से अधिक वन वृक्षों पर राखी बांधकर वनों से भाई परिवार का रिश्ता जोड़ कर उसे जारी रखा है। विज्ञापन
वन राखी मूवमेंट में शामिल महिला- पुरुषों को समय समय पर सम्मानित किया जाता रहा है। यह पूरा कार्यक्रम वे अपने निजी खर्चों पर अबतक चलाते आ रहे हैं।
पर्यावरण धर्मगुरु कौशल ने कहा कि वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा करना केवल वन विभाग का दायित्व नहीं है बल्कि सबों का कर्तव्य है। वन, वन्य प्राणियों एवं पेड़ों की संख्या और क्षेत्रफल लगातार घटता जा रहा है। जिससे वन्य प्राणियों के भोजन पर संकट गहराता जा रहा है।
वन राखी मूवमेंट के अगुआ कौशल ने कहा कि जंगल कटने से वन प्राणियों को भोजन की समस्या उत्पन्न हुई है। क्योंकि जहां जंगल में जानवरों का बसेरा था आज वहां पेड़ काटकर आदमी का बसेरा बना दिया है। जिससे वन प्राणियों पर भोजन का बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो गयी है। पर्यावरणविद ने वन्य प्राणियों को पर्यावरण धर्म के छठा मूल मंत्र के तहत लोगों को भोजन कराने की अपील की ताकि उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाया जा सके। इस पुनीत कार्य में घर के सभी सदस्यों एवं सारथी संतोष प्रजापति का अहम योगदान रहता है
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