पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
मेदिनीनगर प्रतिनिधि
जिले में खेती का मौसम शुरू होते ही खाद की जरूरत पड़ती है। जहां एक ओर जिले में 19 हजार 825 मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता बताई गई थी। परंतु अप्रैल से लेकर जुलाई तक मात्र 6 हजार 580 मिट्रिक टन ही सरकार के द्वारा इस जिले को खाद की आपूर्ति की गई है। आवश्यकता से कम खाद की आपूर्ति होने के कारण बाजार में खाद की कालाबाजारी भी हो रही है। जबकि 22 जून के बाद धान का बिचड़ा डाल दिया गया था।
बिचड़ा तैयार होने के बाद धान रोपनी लगातार की जा रही है। ऐसे समय में किसानों को खाद की आवश्यकता पड़ती है। परंतु जहां मात्र 33% खाद की आपूर्ति होने के कारण किसानों को ऊंचे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है। जिससे उनकी लागत बढ़ रही है। ऐसे में कई छोटे-छोटे किसानों कर्ज लेकर भी खेती कर रहे हैं। गौरतलब है कि धान रोपनी के समय सबसे ज्यादा डीएपी खाद की किसानों के द्वारा उपयोग किया जाता है।विज्ञापन
12 सौ की जगह 13 सौ 50 रुपये में मिल रहा है डीएपी खाद
खाद की कम आपूर्ति होने के कारण इसका फायदा लगातार दुकानदार व बिचौलिया उठा रहे हैं। किसानों से बात करने पर पता चला कि डीएपी खाद का प्रिंट रेट 12 सौ रुपए बोरे पर लिखा हुआ है। परंतु किसानों को 1350 रुपये में बेचा जा रहा है। जिससे किसान मजबूर होकर खरीद तो रहे हैं। परंतु वह विभाग को कोसने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। उन लोगों का कहना है कि ये सभी दुकानदार, सरकारी बाबू व अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसा किया जा रहा है।
किस-किस प्रकार की खाद की कितनी हुई है आपूर्ति जिले में यूरिया की
आवश्यकता 12 हजार460 मीट्रिक टन प्राप्त हुआ 4 हजार255 मीट्रिक टन, डीएपी आवश्यकता 4 हजार800 मीट्रिक टन प्राप्त 1हजार 245 मीट्रिक टन, एनपीकेएस 1हजार365 मीट्रिक टन प्राप्त स 850 मीट्रिक टन, एम ओ पी 500 मीट्रिक टन प्राप्त 100 मीट्रिक टन, एसएसपी 700 मीट्रिक टन प्राप्त 130 मीट्रिक टन हुआ है।
क्या कहना है डीएओ का
जिला कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार का कहना है कि यदि खाद की कालाबाजारी हो रही है। तो इस इस पर कार्रवाई की जाएगी।
Comments
Post a Comment