पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
आज दिनांक 2 जून 2021 दिन बुधवार को भारत के सबसे विद्वान और शिक्षित व्यक्तियों में से एक डाक्टर श्रीकांत जिचकर जी की 17 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
मेदिनीनगर प्रतिनिधि
आज दिनांक 2 जून 2021 दिन बुधवार को भारत के सबसे विद्वान और शिक्षित व्यक्तियों में से एक डाक्टर श्रीकांत जिचकर जी की 17 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
पांकी रोड स्थित दायित्व ट्रस्ट के आवासीय कार्यालय में ट्रस्ट के चेयरमैन अविनाश वर्मा ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर कहा कि आज सोशल मीडिया का देन है कि गत दिन अपने मित्र के द्वारा देश के महान विभूति डॉ श्रीकांत जिचकर के संदर्भ में तमाम जानकारियां प्राप्त हुई जिसे जनहित में साझा करना आवश्यक है।
विदित हो कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इस ख्याति से दर्ज डाक्टर श्रीकांत जिचकर जो डॉक्टर, बैरिस्टर, आईपीएस अधिकारी, आईएएस अधिकारी, विधायक, मंत्री, सांसद ,चित्रकार, फोटोग्राफर ,मोटिवेशनल स्पीकर, पत्रकार ,कुलपति होने के साथ संस्कृत, गणित ,इतिहास, समाजशास्त्र ,अर्थशास्त्र के विद्वान के साथ उन्होंने काव्य रचना भी थी।
डाक्टर जिचकर जी का जन्म 14 सितंबर 1954 को कोटल गांव (महाराष्ट्र) के मराठा कृषक परिवार में हुआ था।
अपने जीवन के सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यकाल 1972 से 1990 तक का समय यूनिवर्सिटी के इम्तिहान देने में गुजार कर 20 से भी अधिक डिग्रियां हासिल की थी। जिसमें कुछ रेगुलर और कुछ पत्राचार के द्वारा थी।
अपने शैक्षणिक कार्यकाल के दरमियान उन्होंने एमबीबीएस, एमडी गोल्ड मेडलिस्ट, एलएलबी, एलएलएम ,एमबीए ,बैचलर इन जर्नलिज्म, संस्कृत में डिलीट, इंगलिश, हिंदी ,हिस्ट्री, साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी, पॉलिटिकल साइंस,आर्कियोलॉजी एवं एंथ्रोपॉलजी में एम ए के साथ 1978 बैच के आईपीएस एवं 1980 बैच के आईएएस अधिकारी भी रहे।
स्वर्गीय जिचकर 1981 में आजाद भारत के सबसे कम उम्र के विधायक के साथ 14 विभागों के मंत्री भी रहे। साथ ही 1992 से लेकर 1998 तक राज्यसभा के सांसद रहे।
अपने गंभीर बीमारी से जूझते वक्त सन्यासियों की प्रेरणा से संस्कृत का अध्ययन कर अपने ज्ञान बिपाशा को उन्हों ने पूर्ण बताया था और स्वस्थ होते ही नागपुर में कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की जिसके वे कुलपति भी बने।
देश में किसी भी निजी व्यक्ति का सबसे बड़ा पुस्तकालय डाक्टर श्रीकांत जिचकर जी का था जिसमें 52 हजार से भी अधिक पुस्तकें थी।
उनका सपना था कि देश के प्रत्येक घरों में एक संस्कृत भाषा का विद्वान हो तथा कोई भी परिवार मधुमेह जैसी बीमारी का शिकार ना हो।
मगर दुर्भाग्य भारत देश एवं आने वाली पीढ़ी का था कि आज ही के दिन 2 जून 2004 को नागपुर से 60 किलोमीटर दूर एक भयंकर सड़क हादसे में ऐसे शिक्षक, ज्ञानी ,उत्साही व्यक्तित्व चिकित्सक ,विधि विशेषज्ञ,प्रशासक और राजनेता के मिश्रित व्यक्तित्व वाले डाक्टर श्रीकांत जिचकर जी का निधन हो गया।
हम ऐसे ज्ञानी और विद्वान व्यक्ति को शत शत नमन करते हैं और देश के सभी सरकारों से निवेदन करते हैं कि ऐसे महान विभूति की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करें और अपने राज्यों की धरोहर पर उनके नाम अंकित करें ताकि वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ी भी उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।
अविनाश कुमार वर्मा
चेयरमैन
"दायित्व" ट्रस्ट
2 जुन 2021
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