
संदीप केसरी शौर्य गढ़वा वर्षा की बूंदों को सहेजने में जायंट्स ग्रुप अहम भूमिका निभा रहा
वर्षा की बूंदों को सहेजने में जायंट्स ग्रुप अहम भूमिका निभा रहा है। निष्क्रिय पड़े डीप बोर, पुराने सूख चुके कुएं तथा सोख्ता के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। जायंट्स ग्रुप से जुड़े लोग इसे अभियान के रूप में लेकर लोगों को अपने घरों में वाटरहार्वेस्टिग संयंत्र बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसकी शुरुआत जायंट्स सदस्यों ने स्वयं अपने घरों से की है। अभी तक जायंट्स ग्रुप के 40 पदाधिकारी एवं सदस्य अपने घरों में वाटरहार्वेस्टिग प्लांट बनवा चुकें हैं। इसके अलावा जायंट्स सदस्यों की प्रेरणा से शहर के 150 लोगों ने अपने घरों में सोख्ता बनवाया गया है। जिसके कारण उक्त स्थल व आस-पास के इलाके में भूमिगत जलस्तर ऊपर आया है तथा लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। जिन स्थानों पर सोख्ता का निर्माण किया गया है वहां पहले जो हैंडपंप पानी नहीं देते थे उनमें भी पानी आ गया है। जायंट्स ग्रुप के इस कार्य की सभी सराहना कर रहें हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जायंट्स ग्रप के सदस्यों द्वारा सोख्ता बनवाने के लिए प्रोत्साहित करने वाले राजमिस्त्री को भी पुरस्कृत किया जाता है। इस संबंध में जायंट्स ग्रुप से जुड़े विनोद कमलापुरी बताते हैं कि जायंट्स ग्रुप आफ गढ़वा द्वारा क्लब के स्थापना काल से ही जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूक किया जाता रहा है। पहले तो लोग जल संरक्षण के बारे में बताने पर विशेष ध्यान नहीं देते थे लेकिन जब गढ़वा के लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ तो लोग इसके महत्व को समझने लगें हैं। जल संरक्षण की कई विधियां हैं एक तो छत से बारिश का पानी को कहीं एक जगह उतार कर उसे सोख्ता में जाने दे या पुराने कुआं या डीपबोर जो निष्क्रिय हो गए हो उसमें बारिश के पानी को संरक्षित करें। साथ ही जल ग्रहण क्षेत्र जहां से बारिश होने के बाद पानी बहता है उस जगह पर तालाब या चेक डैम बनाकर पानी को संरक्षित करें। इससे भूजल स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है। जायंट्स द्वारा किए जा रहे इन प्रयास का फल काफी सकारात्मक रहा है। इस कार्य में ग्रुप के नंद कुमार गुप्ता, मनोज केसरी, प्रो. मनोज पाठक, मोजिबुदीन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें हैं। इनके द्वारा घर घर जाकर लोगों को जलसंरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाता है। अब तो लोग स्वयं हमसे इस संबंध में सलाह भी मांगने लगे हैं। प्रयास सार्थक हो रहा है।
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