पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
डाल्टेनगंज(05 अप्रैल, सोमवार) नवनियुक्त मेदिनीनगर सदर अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार साह को अविनाशदेव सदस्य झारखंड माटीकला बोर्ड झारखंड सरकार ने माटीकला के उत्कृष्ट उत्पाद कप सेट देकर स्वागत किया। औपचारिक परिचय वार्ता में अविनाशदेव ने कहा हमारा पलामू के मिट्टी का यह संस्कार है कि आये हुए कोई भी पदाधिकारी को गर्मजोशी से स्वागत कर जिले का मान बढ़ाये और पब्लिक पदाधिकारी के बीच समन्वय स्थापित कर विकास का कीर्तिमान गढ़े। वहीं अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने दफ़्तर में पब्लिक को आकर अपनी बात कहना सौभाग्य समझते हैं। एक वक्त था जब पदाधिकारी के कार्यालय में पब्लिक आने से कतराते थे। जमाना बदला और जनता अपनी बात लेकर निधड़क दफ़्तर पहुँचते हैं और अपनी दर्द बेहिचक बयाँ करते हैं जिसे बिचौलियों पर लगाम लग गया। आगे अनुमंडल पदाधिकारी ने कॉलेज के दिनों का ज़िक्र करते स्वदेशी जगरण के प्रणेता राजीव दीक्षित के साथ काम करने का अनुभव शेयर किए और बताया कि जब से लोग माटी से दूर होते चले गए मौत का दावत करीब आता गया। अस्पताल में जगह नहीं है क्योंकि दाल माटी के हांड़ी में फट नहीं रहा है कुकर में टूट रहा है। भारतवर्ष के जातिय ब्यवस्था में पेशागत कारणों से लोग एक दूसरे से जुड़े रहते थे। समाजिक समरसता अपनापन भाईचारगी सहानुभूति धरातल पर दिखता था किंतु मशीनी युग में इन्शान के स्वास्थ्य में भारी गिरावट आया है। आज जरूत है लम्बी उम्र के लिए प्राकृतिक व वास्विकता की ओर लौटने की। माटी की महक ही समाज को समृद्ध व स्वस्थ रख सकता है। इस सवाल पर मैं आपके साथ हूँ माटीकला का कारख़ाना पलामू में लगे जो भी सहयोग बनेगा मैं करूँगा।
Comments
Post a Comment