पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
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दीपक तिवारी
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रांची के कांटाटोली और पथलकुदवा इलाके में तीन दिनों से जलापूर्ति नहीं हो रही है। इससे यहां के लोग परेशान हैं। इलाके के लोगों ने नगर निगम और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता से बात की है। लेकिन, वह लोग भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जलापूर्ति नहीं होने की वजह से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिनके घरों में बोरिंग है, लोग वहां से पानी ले रहे हैं। यही नहीं, पीने के लिए लोगों को पानी खरीदना पड़ रहा है।
कांटाटोली के राशिद बताते हैं कि हर साल जलापूर्ति का नाटक रहता है। इधर 3 दिन से पानी नहीं आ रहा है। यही नहीं, पथलकुदवा में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की तरफ से लगाई गई पानी की टंकी खराब पड़ी हुई है। यहां मौजूद पानी की टंकी की मोटर खराब है। मोटर खराब होने से पानी ऊपर चढ़ नहीं रहा है। इलाके के लोगों ने एक महीना पहले पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से शिकायत की थी। लेकिन कोई नहीं सुन रहा है।
इससे लोगों में नाराजगी है। पथलकुदवा के राकेश कुमार बताते हैं कि गुरुवार की सुबह 15 मिनट तक थोड़ा पानी दिया गया है। लेकिन यह पानी नाकाफी साबित हुआ है। पथलकुदवा के मुकेश ने बताया कि जिनके घरों में बोरिंग का पानी है, वह भी सप्लाई का पानी पीने के लिए और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। पानी नहीं आने की वजह से सभी को ₹30 प्रति गैलन पानी खरीदना पड़ रहा है।
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