पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
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दीपक तिवारी
डाल्टेनगंज(11फरवरी, गुरुवार)शादी सामाजिक संतुलन बनाए रखने का एक संस्कार है जो गृहस्थाश्रम की आधारशिला भी है।इसी संस्कार द्वारा वर वधु अपने नवजीवन के महान उत्तरदायित्व का निर्वहण करने की प्रतिज्ञा करते हैं। पति पत्नी के बीच शारिरिक सम्बन्ध से ज्यादा आत्मिक सम्बन्ध होता है किंतु वर्तमान दौर में सम्बन्ध विकृत हो गया।जिसका असर पारिवारिक जीवन पर गहरे तक पड़ रहा है। आज हालात ये है कि विवाह विच्छेद हो रहा है परिवार आत्महीनता के शिकार है। उपहार दहेज के रूप में चरम पर है।
पांडु प्रखण्ड के कजरू ग्राम स्थित रामनवमी मैदान में सामुहिक शादी समारोह का आयोजन किया गया जिसमें ग्यारह जोड़े की विवाह सम्पन्न कराई गई। कार्यक्रम के मुख्यातिथि अविनाशदेव सदस्य-झारखंड माटीकला बोर्ड, झारखंड सरकार हुए। नवदम्पति के आशीर्वचनों में हजारों बारातियों, अभिभावकों, दर्शकों, अतिथियों को सम्बोधित करते हुए सामाजिक खामियों पर अविनाशदेव ने प्रकाश डाला। आगे अपने उद्बोधन में कहा कि जब जब दबाव बढ़ा तब तब अलगाव पैदा हुआ। समाज में भाव पैदा होगा तब लगाव बढ़ेगा। समाज के छद्म धनिक लोभियों ने दिखावटी शौहरत में आज उपहार को इतना विकृत कर दिया की दहेज सबसे बड़ी समस्या के रूप में समाज के सामने उभर कर आया है। जिसका नतीजा है लिंगानुपात में अंतर,भ्रूणहत्या, महिला हिंसा,यौन उत्पीड़न। और इसका एक मात्र उपाय है सामुहिक शादी, अपने जीवनसाथी चुनने की आजादी। धार्मिक, पारम्परिक मान्यताओं में फेर बदल,जाति विहीन विवाह को बढ़ावा। बेटियों को सर्वोच्च सम्मान दिये वगैर परिवार में प्रश्नता,समाज में शांति,राष्ट्र की उन्नति की परिकल्पना नहीं किया जा सकता है। समाज में दहेज मुक्त शादी के लिए जनजागरूकता की जरूरत है।महंगी शादी पर लगाम जिसे समाज में कमतर का भाव पैदा न हो।
इस मांगलिक अवसर पर वरिष्ठ वकील ओंकार नाथ तिवारी, रुद्रा इंजीनियरिंग के प्रोपराइटर संजीव पंडित, आलोक सिंह,शोभा प्रजापति, लैब तकनीशियन शंकर प्रजापति, मौजूद रहे।
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