पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
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दीपक तिवारी
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उपायुक्त श्री छवि रंजन ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
जिला के विभिन्न प्रखंडों में आमजनों को किया जायेगा जागरुक
डायन प्रथा पर रोक लगोन के लिए सामाजिक जागरूकता जरूरी - उपायुक्त
आज दिनांक 22 फरवरी 2020 को उपायुक्त रांची श्री छवि रंजन ने समाहरणालय परिसर से डायन प्रथा जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला प्रशासन (समाज कल्याण) द्वारा डायन कुप्रथा मुक्त झारखंड अभियान के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से जागरूकता रथ को रवाना किया गया है जो आमजनों को इस सामाजिक कुरीति के प्रति जागरुक करेगा।
डायन प्रथा जागरूकता रथ के माध्यम से जिला के विभिन्न प्रखंडों एवं सुदूरवर्ती गांवों में लोगांे को जागरूक किया जाएगा। डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 के तहत किसी महिला को ‘डायन’ के रूप में पहचान करने वाले तथा पहचान के प्रति अपने किसी भी कार्य, शब्द या रीति से कार्रवाई करने वाले को अधिकतम तीन महीने तक कारावास की सजा या 1000 रू जुर्माना अथवा दोनों से दंडित करने का प्रावधान है।
उपायुक्त श्री छवि रंजन ने कहा कि ऐसी सामाजिक कुरीति पर अंकुश लगाने के लिए बड़े पैमाने पर सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है। डायन प्रथा जैसी कुरीतियां ना केवल महिलाओं बल्कि समाज को भी नकारात्मक विचारधारा से ग्रसित करती हैं। अंधविश्वास के कारण उत्पन्न इन कुरीतियों से महिलाओं को प्रताड़ित करना अपराध है। डायन बिसाही जैसी कुप्रथा के कारण आज समाज के गरीब तथा असहाय महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जागरुकता रथ के माध्यम से आमजनों को डायन एवं उससे संबंधित कुप्रथाओं के प्रति न केवल जागरूक किया जायेगा, बल्कि उससे जुड़े लोगों पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में बताया गया जायेगा।
उपायुक्त ने आमजनों से डायन बिसाही जैसी कुप्रथा पर विश्वास नहीं करने तथा अपने आसपास इस प्रकार की किसी भी घटना की जानकारी होने पर निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करने की भी अपील की।
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