पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
उर्दू तालीम को बढ़ावा देने को लेकर इमारत सरया बिहार और झारखंड की ओर से रविवार को गिरिडीह के बोडो स्थित इमारत पब्लिक स्कूल में उर्दू को बुनियादी शिक्षा में शामिल करने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया।
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
उर्दू तालीम को बढ़ावा देने को लेकर इमारत सरया बिहार और झारखंड की ओर से रविवार को गिरिडीह के बोडो स्थित इमारत पब्लिक स्कूल में उर्दू को बुनियादी शिक्षा में शामिल करने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने शिक्षा को लेकर जो बिल लाया है, उस बिल में उर्दू, फारसी और अरबी को जगह नहीं दी गई है। इससे लोगों के बीच काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आखिर क्यों इस बिल में उर्दू जुबान को दरकिरनार किया गया है। जबकि उर्दू जुबान एक हिदुस्तानी जुबान है और उर्दू जुबान ने हिदुस्तान की आजादी में सबसे अहम रोल अदा किया था। उर्दू जुबान को पूरी तरह खत्म करने का इस बिल के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है।
हिदुस्तान में जितने भी मुस्लिम तंजीम हैं उन्होंने यह ठान लिया कि उर्दू जुबान को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा। इसे लेकर इमारत सरया फुलवारी शरीफ पटना की ओर से बिहार, झारखंड और ओडिशा में कमेटी बनाकर प्रखंड स्तर से लेकर राज्यस्तर तक एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को यह बताया जा रहा है कि अपने बच्चे-बच्चियों को तीन साल की उम्र से ही उर्दू और अरबी की शिक्षा जरूर दें ताकि बच्चों और बच्चियों छोटे बड़ों का अदब करने का तरीका सीखे। लोगों की इज्जत करना सीख ले तभी जाकर वह अच्छी शिक्षा हासिल कर पाएगा। आगे कामयाब हो पाएगा। दुनियां और दीन में भी तरक्की होगी। स्कूल, कोचिग सेंटर संचालक से अपील करते हुए बच्चों को उर्दू की शिक्षा देने को बात कही गई। लोगों से उर्दू में बातचीत करें, उर्दू बहुत ही मीठी जुबान है इस जुबान से लोगों के बीच आपसी तालमेल बढता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काजी शमशुल हक ने की। मौके पर मुख्य अतिथि चतरा के मुफ्ती नजरे तौहीद, मौलाना सगीर, मौलाना रुस्तम, मौलाना अबुल कलाम के अलावा मो इजहारुल हक, मो. सनव्वर हुसैन, वसीम, राजा, मो. सईद, मो. एहसानुल, अब्दुसमद, मो. ऊमर, फैयाज, मो. जाबिर आदि उपस्थित थे।
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