पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
कालखंड के प्रथम शिव शिष्य श्री हरीन्द्रानन्द जी द्वारा विरचित आध्यात्मिक पुस्तक ‘‘आओ, चलें शिव की ओर’’ का विमोचन वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर डीबडीह के ‘दी कार्निवाल हॉल’ राँची में किया गया। पुस्तक का विमोचन श्री डी॰ के॰ सिन्हा, भूतपूर्व जस्टिस, झारखण्ड उच्च न्यायालय के द्वारा किया गया। लेखक श्री हरीन्द्रानन्द जी ने पुस्तक की आध्यत्मिक व्याख्या में कहा है कि बनो तो शिव, रहो तो शिव और जियो तो शिव। इन्होंने कहा कि पुस्तक लिखना मेरे लिए असंभव-सा था क्योंकि विगत चार दशकों से अहर्निश मैंने शिव गुरु कार्य किया और सरकारी सेवा में भी रहा। कोरोना काल की आपदा को महादेव ने मेरे लिए अवसर में बदल दिया। पूरे देश दुनियां में हुए लॉकडाउन ने मुझे मनचाहा समय दे दिया। ‘‘आओ, चलें शिव की ओर’’ पुस्तक निःसंदेह मेरे द्वारा लिखी नहीं गई है, बल्कि किसी ने मुझे कलम थमा दी और वह अविरल चल पड़ी। नतीजा आपके सामने है।
‘आओ, चलें शिव की ओर’ पुस्तक की प्रकाशक श्रीमती अनुनीता ने कहा कि सामान्यतः किताबें प्रकाशक और लेखक को समृद्व करती हैं पर ‘‘आओ, चलें शिव की ओर’’ पुस्तक के लेखक श्री हरीन्द्रानन्द साहब ने अपनी पुस्तक के प्रकाशन का अधिकार देकर आखर पब्लिकेशन को प्रतिष्ठित किया है, समृद्ध किया है।
कार्यक्रम के आयोजक श्री अर्चित आनन्द ने कहा कि ‘‘आओ, चलें शिव की ओर’’ पुस्तक नहीं एक ग्रंथ है जो मानवता को एक दिशा प्रदान करेगी। हमें शिव की ओर चलने को प्रेरित करेगी। शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन की अध्यक्ष बरखा सिन्हा ने हरीन्द्रानन्द जी की पुस्तक के कुछ अंशों को उद्धृत करते हुए कहा कि इसमें जो डूबेगा वह डूबता ही जाएगा। जो भी पुस्तक को पढ़ना आरंभ करेगा वह इसे अंतिम पेज तक पढ़कर ही छोड़ेगा। भगवान शिव के गुरु स्वरूप की व्याप्ति और प्रसार, साहब की आपबीती सभी पाठक के मन को झकझोरेगी।
पटना से आए डॉ॰ अमित कुमार ने ‘‘आओ, चलें शिव की ओर’’ अध्याय की अंतिम पंक्तियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहब की ये पंक्तियां न जयघोष है, न उद्घोष है अपितु मानव मन पर प्रहार करती है। साहब के बताए शिव के राजमार्ग पर चलने की विधा है, उसका क्रम है उसकी गति है।
शिव शिष्य परिवार के सचिव अभिनव आनन्द ने कहा कि साहब के शुभ से ही हमारा शुभ है, ‘‘आओ, चलें शिव की ओर’’ किताब हमारा-आपका मार्गदर्शन करेगी। इसे पढ़ें, समझें, आत्मसात करें। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम कोविड-19 प्रोटोकॉल के दिशा निर्देशानुसार था। लगभग डेढ़ सौ लोगों की ही उपस्थिति थी जिसमें सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सभी लोग दिखे। सभी मास्क लगाये हुए थे।
Comments
Post a Comment