पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
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दीपक तिवारी
टारगेट, गोल पाने का माध्यम है-अविनाशदेव
डाल्टेनगंज(10 फ़रवरी, बुधवार)-बच्चों के बौद्धिक विकास में शिक्षकों का ही बुनियादी हांथ होता है। भविष्य निर्माण में यह तय करना ब मुश्किल काम है कि बच्चों को पैसा छापने का स्वचालित मशीन बनाऊं या राष्ट्र निर्माण में उपयोगी थिंकटैंक। अगर मशीन बनाता हूँ तो समाज का दोहन होगा, थिंकटैंक बनाता हूँ तो समाज एवं राष्ट्र के विकास के साथ-साथ विश्व विरादरी में पहचान। इसके लिए निहायत शर्त है संस्कार से बच्चों के कोरा मस्तिष्क रूपी खेत को सिंचित करना ताकि राष्ट्र निर्माण में उन्नत फसल दे सकें।
इसीलिए अपने अपने क्षेत्र के शीर्षत एक्सपर्ट के द्वारा यथार्थ से बच्चों को रु-ब-रु कराने की कड़ी में आज जिला मुख्यालय में नियुक्त 2018 बैच के आई पी एस के विजय शंकर राव, एस डी पी ओ सुरजीत कुमार,सुश्री मनसा राव छात्रावास के बच्चों से मुख़ातिब हुए। अपने वक्तब्य में के विजय शंकर राव ने कहा हारना और हार मानना दोनो दो चीज है। हारिये मगर हार मत मानिये जिसका उदाहरण मैं खुद हूँ कि सात सालों के बाद मुझे कामयाबी मिली।मुझे अनुभव मिला कि टारगेट गोल से हमेशा छोटा होता है। वहीं सुरजीत कुमार ने कहा कि शिक्षा का अर्थ नौकरी नहीं बल्कि चरित्र का निर्माण होता है जिसे ब्यवहारिक जीवन में राष्ट्र कदाचारमुक्त व समाज नैतिक रूप से सशक्त होता है।देश के नागरिक नैतिकमुल्यों पर जीने वाला भगत सिंह विवेकानंद कलाम बनता है। सुश्री मनसा ने बोली शेर शिकार के लिए दौड़ता है तो हिरन जान बचाने के लिए दौड़ हमेशा दो कदम आगे होनी चाहिए।
विद्यालय के चेयरमैन अविनाशदेव ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ दे कर स्वगत किये तो बच्चों ने चंदन रोली लगा स्वागत गीत से स्वागत कर मुग्ध कर दिये। अतिथियों ने बच्चों से दुबारा मिलने की वादा कर विद्यालय से विदा लिए।
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