पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
आतिशबाजी से बिगड़ी शहर की सेहत:ध्वनि प्रदूषण में सामान्य से 30 फीसदी की बढ़ोतरी, पिछली दिवाली से भी अधिक दूषित हुआ शहर।
पलामू समाचार केंद्र
दीपक कुमार तिवारी
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सरकार की सख्ती का नहीं दिखा असर, जमकर हुई आतिशबाजी
राजधानी रांची में दीपावली की रात जमकर आतिशबाजी हुई। सरकार की सख्ती का कहीं कोई असर नहीं दिखा। इसका असर शहर की आबोहवा पर भी देखने को मिला। झारखंड राज्य पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से जारी आकड़ों के मुताबिक शहर में सामान्य दिनों की तुलना 30 फीसदी अधिक ध्वनि प्रदूषण हुआ है।
निर्धारित समय में करनी थी आतिशबाजी
राज्य सरकार की तरफ से रांची में आतिशबाजी का समय रात 8 से 10 बजे तक निर्धारित किया गया था। इसके साथ ही रांची में केवल ग्रीन पटाखे जलाने और बेचने की ही अनुमति थी। लेकिन तय समय से ज्यादा समय तक कई जगहों पर लगातार हुई आतिशबाजी के कारण प्रदूषण बढ़ा है।
अल्बर्ट एक्का चौक का इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित
सबसे ज्यादा प्रदूषण रांची के अल्बर्ट एक्का चौक इलाके में हुआ है। यहां की हवा में शाम 7 बजे से ही प्रदूषण फैलना शुरू हो गया था। यहां सामान्य दिनों में औसत 62 डेसिबल ध्वनी प्रदूषण रहता है जबकि दिवाली के दिन यह शाम छह बजे से रात 12 बजे तक औसतन 75 डेसिबल रहा।
रात नौ बजे हुआ सबसे ज्यादा प्रदूषण
झारखंड राज्य पॉल्यूशन बोर्ड की ओर से रांची के चार इलाकों में ध्वनि प्रदूषण मापने का यंत्र लगाया गया था। इसमें हाईकोर्ट ,डोरंडा, अल्बर्ट एक्का चौक, कचहरी चौक और अशोक नगर का इलाका शामिल है। इन इलाकों में रात 9 बजे के बाद सबसे ज्यादा शोर हुआ है। अशोक नगर में रात 9 बजे 73.6 डेसिबल, कचहरी में 79 डेसिबल, अल्बर्ट एक्का चौक में 81 डेसिबल और हाईकोर्ट इलाके में 68.2 डेसिबल का शोर मापा गया है। जो औसतन समान्य दिनों में 60 डेसिबल से भी कम रहता है।
वायु प्रदूषण के अध्ययन में जुटा बोर्ड
आतिशबाजी का राजधानी की हवा पर कितना असर पड़ा इसके अध्ययन में बोर्ड जुट गया है। इसका आंकड़ा संभवतः देर रात तक जारी की जा सकती है। पिछले साल दिवाली में सामान्य दिनों की तुलना में 25 फीसदी अधिक ध्वनि प्रदूषण हुआ था।
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