पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
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रवि शंकर
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आत्मनिर्भर शब्द दो शब्दों 'आत्म और निर्भर ' शब्दो से मिलकर बना है , जिसका साधारण अर्थ - स्वयं पर निर्भर । हर व्यक्ति के लिए आत्मनिर्भरता सबसे बड़ा और अच्छा गुण है । जो व्यक्ति आत्मनिर्भर होगा वह खुद बड़ी से बड़ी मुश्किल को आसानी से हल कर सकता है । आत्मनिर्भर होना जितना एक व्यक्ति विशेष के लिये जरूरी है उतना ही जरुरी एक राष्ट्र के लिए भी है । आत्मनिर्भर किसी देश के विकास के लिए अतिआवश्यक है ।
हमारा देश क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनो की दृष्टि से एक विशाल देश है ।साथ ही साथ हर संसाधन से परिपूर्ण है । सभी प्रकार के संसाधनों से परिपूर्ण होने के कारण यह हरेक प्रकार की वस्तु या आवश्यक सामग्री का निर्माण खुद कर सकता है । इसके लिए किसी अन्य देशो पर आश्रित होने की आवश्यकता नही है । हम वह वस्तु का निर्माण खुद कर सकते है , जिसका हम उपयोग करते है । चाहे वह छोटी सूई हो या कोई बड़ी जहाज जैसी वस्तु , सभी का निर्माण हमारे देश मे संभव है ।
आत्मनिर्भर भारत अभियान -
आत्मनिर्भर भारत योजना में भारत को हर उस क्षेत्र में निर्भर होना है जिसमे वह किसी अन्य देशों के समक्ष अपना हाथ फैलता है । हमारे देश मे संसाधन की प्रचुरता होते हुए भी योजनाबद्ध तरीके से उपयोग नही होने से हम उस वस्तु का निर्माण करने में असमक्ष है, जिसकी हमे वृहद पैमाने में आवश्यकता है । आत्मनिर्भर भारत अभियान का उदेश्य भारत के संसाधन को भारत मे ही अधिक उपयोग लाना है । संसाधनों को निर्यात करने के बजाय अपने देश के अंदर ही सही तरीके से उपयोग में लाकर उदयोग-धंधे , कुटीर उदयोग तथा अन्य कल-कारखानो को सुचारू रूप से संचालित किया जाए तो यहाँ के हरेक प्रतिभाशील युवा को रोजगार का अवसर मिलेगा। इससे देश की प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी होगी जिससे देश आर्थिक रूप से सशक्त होगा। संसाधनों का सही उपयोग कर भारी मशीन उपयोग संचालित कर उन मशीनों तथा अन्य उपकरणो को निर्माण किया जा सकता है ।
आत्मनिर्भरता के फायदे-
. देश मे उदयोगो में बढ़ोतरी होगी।
.रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
.किसी अन्य देश के आगे हाथ फैलाने की आवश्यकता नही होगी ।
.प्रति व्यकि आय में बृद्धि होगी ।
.गरीबी एवं बेरोजगारी से निजात मिलेगी ।
.देश आर्थिक रूप से सशक्त होगा।
.उन वस्तुओं का निर्यात किया जा सकेगा जिसका आयात किया जाता था ।
.विदेशी मुद्रा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगा ।
.आत्मनिर्भर होने के बाद किसी बड़ी मुश्किल में भी किसी अन्य देश के सामने झुकने की आवश्यकता नही होगी ।
किसी अन्य देशों पर निर्भर होने के कई नुकसान है । यदि हम किसी देश पर निर्भर होंगे तो उसके अनुरूप ही कार्य करना पड़ेगा । किसी वस्तु की कमी पड़ने पर हमें आयात का इंतजार करना पड़ सकता है साथ ही साथ धन की हानि भी होगी । अगर हम सभी प्रकार के वस्तुओं का उत्पादन स्वयं करने लगे तो अपनी आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में सामग्री का निर्माण कर सकते है ।
उदाहरण के लिए कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए पीपीई किट , वेंटिलेटर और सैनिटाइजर जैसी वस्तुओं का उत्पादन हमारे देश में हो रहा है तथा इसकी लागत भी अपेक्षाकृत कम है । यदि ये वस्तुएं हमारे देश मे में उत्पादित नही की जाती तो शायद covid-19 का संक्रमण और भी विकराल हो सकता था । इस वजह से हमारा देश विकास के मामले में अन्य देशों से कई गुणा पीछे रह जाता ।
हमारे देश के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि देश को आत्मनिर्भर बनने में यथा संभव मदद करे इसके लिए देश मे बनी वस्तुओं का उपयोग करे तथा इसके लिए दूसरों की भी प्रेरित करे । इससे हम आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और दूसरे देश पर निर्भर नही रहेंगे । एक दिन ऐसा आएगा कि हमारा देश महाशक्ति बनकर उभरेगा ।
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