पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
टंडवा की मां कहाने वाली धरासाई गेरुआ पुल की करुण पुकार क्या भूल हुई, हमसे क्या भूल हुई जो हम को यह सजा मिल रहा है।
पलामू समाचार केंद्र
दीपक कुमार तिवारी
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गेरुआ पुल के टूटने से टापू बना टंडवा, रेंग रही है लोगो की जिंदगी
अजीत कुमार सिन्हा/विजय शर्मा
टंडवा की लाइफ लाइन और मां कहाने वाली गेरुआ पुल पिछले सात माह से धरासाई अवस्था में पड़ा हुआ है। टंडवा वासियो के लिए इस पुल की बड़ी अहमियत थी। बीमार को अस्पताल ले जाने के लिए, बच्चो को स्कूल तक पहुंचने के लिए, लोगो को एक स्थान से दूसरे स्थान आने जाने के लिए। प्रत्येक काम के लिए गेरुआ पुल ने अपने सीने पर टंडवा के लोगो के लिए हर भार झेलते हुए आखिरकार अपना दम तोड़ दिया। आज धरासाई अवस्था में गेरुआ पुल की यह करुण पुकार.....हमसे क्या भूल हुई, जो ये सजा हमको मिली' यह आज किसी को सुनाई नही पड़ती। जिसका खामियाजा यहां के लोगो को भुगतना पड़ रहा है। भारत सरकार की दो नवरत्न कंपनियां सीसीएल और एनटीपीसी के होते हुए भी टंडवा के लोग पिछले सात माह से टापू पर निवास करने वालो की तरह अपनी जिंदगी जीने को विवश हैं। टंडवा की लाइफ लाइन गेरुवा पुल के धरासाई हो जाने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है। बीते 14 मार्च को भारी बारिश में गेरुवा पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके बाद आजतक झारखंड सरकार द्वारा कोई साकारात्मक पहल पुल बनाने को लेकर नही की गई। जिससे स्थानीय लोगो का जीवन नारकीय हो गया है। टंडवा में सीसीएल की संचालित मगध-आम्रपाली कोल परियोजना से प्रत्येक वर्ष अरबो-खरबो रुपए का मुनाफा केंद्र सरकार कमा रही हैं। इसके बावजूद टंडवा के आम-आवाम की इस गंभीर समस्या का समाधान नही हो पा रहा है। इस बात को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। पुल के धरासाई होने के बाद सिमरिया विधायक किशुन कुमार दास ने सीसीएल और एनटीपीसी को वैकल्पिक डायवर्सन बनाने को कहा। जिसके बाद दोनो कंपनियों के सहयोग से बना डायवर्सन चंद दिनों भी नही टिक पाया और वह पानी की तेज बहाव में बह गया। जिसके बाद स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पिछले सात माह से मजबूरन पानी में डूबकर नदी पार कर रहे है। नदी पार करने के दौरान नदी में फंसकर छोटे-बड़े वाहन बहने लगती हैं। जिससे लोगो की जान पर आफत आन पड़ती है।
क्या कहते हैं व्यवसायी
पुल के धरासाई होने से आम लोगो को समस्या होने के साथ-साथ व्यवसाईयों को भी भारी नुकसान हो रहा है। टंडवा में व्यवसाईयों को समान लाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यवसायी देवदीप गुप्ता का कहना है कि वैकल्पिक सड़क से समान लाने पर व्यवसाईयों को ट्रांसपोर्टिंग पर ज्यादा कीमत चुकाना पड़ रहा है। वही युवा व्यवसायी बब्लू गुप्ता ने बताया कि पुल नही होने से इसका पूरा असर व्यापार पर पड़ रहा है। हजारीबाग जिले के केरेडारी से लोग बारिश होने के बाद टंडवा खरीदारी करने नही आते है, जिससे काफी नुकसान होता है।
1.30 लाख की आबादी हो रही है प्रभावित
गेरुआ पुल के बहने से टंडवा प्रखंड के 1.30 लाख की आबादी प्रभावित है। टंडवा के 19 पंचायतों में 6 पंचायत के लोगो का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह कट चुका है। वही बाकी के अन्य पंचायतों का जिला व कमिशनरी मुख्यालय से संपर्क कट गया है। हालांकि सराढू गांव होकर एक वैकल्पिक रास्ता है। जिसका लोग इस्तेमाल कर रहें हैं, पर उसमें अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ता है।
दो महीने में होगा समस्या का समाधान : किशुन दास
सिमरिया के भाजपा विधायक किशुन कुमार दास ने कहा कि दो माह में समस्या का समाधान हो जाएगा। उक्त मामले को लेकर वे गंभीर है। वह मुख्यमंत्री समेत पथ निर्माण विभाग के सचिव से मिलकर समस्या का समाधान निकालने को लेकर प्रयासरत है। पथ निर्माण विभाग द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन का टेंडर हो चुका है। जिसका जल्द काम शुरू होगा। वही एनटीपीसी द्वारा भी चुंदरु मंदिर के पास फीफा पुल बनाने का प्रस्ताव है। एक सप्ताह में कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि दो माह में दोनो योजनाए पूर्ण हो जाएगी।
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