पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
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दीपक कुमार तिवारी
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गढ़वा जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर कल-कल नाद करती पंडा नदी के तट पर पहाड़ की तलहट्टी में अवस्थित झारखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठों में शुमार मां चतुर्भुजी भगवती मंदिर आस्था व भक्ति का अनूठा संगम है। पौराणिक कथाओं के अनुसार सोनपुरा स्टेट के राजा को स्वप्न में भगवती की मूर्ति दिखाई दी थी। साथ ही भगवती ने उन्हें अपने राज्य में स्थापित कर लोककल्याण के लिए दर्शन पूजन कराने का आदेश दिया। दूसरे दिन सुबह राजा ने स्वप्न वाले जगह पर अपने सैनिकों के साथ पहुंचकर भैंसहट घाटी (भगवती का उद्गम स्थल)पर खुदाई कराई। वहां मां भगवती की मूर्ति मिली। मां की मूर्ति को अपने हाथी पर लादकर अपने घर के लिए चले। यह कथा प्रचलित है कि राजा जब केतार पहुंचे तब हाथी बैठ गया। काफी प्रयास के बाद भी जब हाथी नहीं उठा तो राजा ने पूरे विधि विधान के साथ मां की मूर्ति को वहीं स्थापित करा दिया। वहीं लोक कल्याण के लिए मां बिराजमान हुईं। बाद में यहां मां चतुर्भुजी का भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। ठहरने के लिए गेस्ट हाऊस बनाया गया है तो पीने के लिए पानी और गाड़ियों के लिए पार्किंग की सुविधा है।
चैत्र मास में एक महीने का लगता है मेला
चैत्र मास की शुक्ल पक्ष नवमी से लेकर बैशाख मास की पूर्णमासी तक एक महीने तक चलने वाले मेले का भव्य आयोजन मंदिर परिसर में प्रत्येक वर्ष होता है। मेले में झारखंड सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार से लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। वहां लोग मां का दर्शन पूजन कर खुशहाल जीवन के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद होती है पूरी
ऐसी मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई भक्तों की हर मुराद पूरी होती है। यही कारण है कि सालों भर मां के दर्शन पूजन के लिए आम व खास लोगों का आना जाना अनवरत जारी रहता है। उधर पूजा अर्चना के लिए भक्तों की हमेशा भीड़ लगी रहती है।
तीन पीढ़ियों से मां के पूजन में लगा है पाठक परिवार
मां चतुर्भुजी भगवती मंदिर के प्रथम पुजारी शिवलोचन पाठक थे। उनकी तीसरी पीढ़ी में उनके पोता बालमुकुंद पाठक वर्तमान में पुजारी हैं। वह मां की सुबह शाम आराधना करते हैं।
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