पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ज्रेडा के पूर्व निदेशक समेत चार अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने का दिया आदेश
पलामू समाचार केंद्र
दीपक कुमार तिवारी
+917979886793
झारखण्ड में कलंक पर लगातार प्रहार हो रहा है. भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में शक्तिशाली पर भी शिकंजा कसने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड रिन्युएबल इनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JREDA ) के पूर्व निदेशक निरंजन कुमार (अतिरिक्त प्रभार- प्रबंधन निदेशक, झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड) समेत चार अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज कर जांच करने की अनुमति दे दी है. निरंजन कुमार के अलावा ज्रेडा के तत्कालीन परियोजना निदेशक अरविंद कुमार, बलदेव प्रसाद, टीवीएनएल के विद्युत कार्यपालक अभियंता श्रीराम सिंह शामिल हैं. इन चारों के खिलाफ पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार के आरोप के मामला दर्ज करने और दिए गए दो सुझावों के साथ जांच के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है।
इन सुझावों के तहत जांचकर्ता जांच के क्रम में सभी आरोपी पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देगा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा ऊर्जा विभाग के द्वारा इस मामले को लेकर गठित समिति के रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों पर भी विचार करेगा. निरंजन कुमार मूल रूप से इंडियन पोस्ट एंड टीसी एकाउंट्स एंड फाइनांस सर्विस के अधिकारी हैं, जो झारखंड सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे।
प्रारंभिक जांच कर चुका है एसीबी
इन पदाधिकारियों के विरुद्ध पद का दुरुपयोग करने संबंधी परिवाद पत्र दायर किया गया था. इसके आलोक में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को प्रारंभिक जांच के लिए प्राधिकृत किया गया था. एसीबी ने परिवाद पत्र में दर्ज सभी आरोपों की प्रारंभिक जांच कर तथ्यों के साथ अबतक उपलब्ध साक्ष्य एवं दस्तावेजों के आधार पर तीनों पदाधिकारियों के विरुद्ध विस्तृत अनुसंधान के लिए कांड अंकित करने की अनुशंसा की थी।
क्या है निरंजन कुमार व अन्य अधिकारियों पर आरोप
निरंजन कुमार पर अपने वेतन की अवैध रूप से निकासी करने और सरकार के विभिन्न खातों से करीब 170 करोड़ रुपए का भुगतान करने का आरोप है. इसके अलावा परिवार के साथ विदेश भ्रमण, संपत्ति विवरण में पत्नी के नाम अर्जित संपत्ति का विवरण न देने और बोर्ड की सहमति के बगैर टेंडर की शर्तें बदलकर विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप है. इसमें अन्य तीनों अधिकारियों के भी शामिल रहने का आरोप है।
प्रशासी विभाग ने समिति का किया गठन
एसीबी द्वारा रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने उसकी समीक्षा करने के बाद संबंधित प्रशासी विभाग (ऊर्जा) की सहमति प्राप्त कर कांड दर्ज करने के लिए अनुमति की मांग की गई थी. इसके आलोक में ऊर्जा विभाग द्वारा तीनों आरोपी पदाधिकारियों से पक्ष (रिपोर्ट) मांगा गया. उनके द्वारा पक्ष रखे जाने के बाद विभाग की ओर से उसकी समीक्षा को लेकर समिति का गठन किया गया. इस समिति ने मामले की समीक्षा करने के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को रिपोर्ट पेश कर दिया. ऐसे में विभागीय मंतव्य को एसीबी द्वारा विचारित करने तथा कांड दर्ज करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति दे दी है।
Comments
Post a Comment