अनुकूल मानसून से धान की फसल ससमय लगा चुके किसान लहलहाते फसल देखकर जहां प्रोत्साहित है वहीं समुचित मात्रा में खाद सुलभ नहीं हो जाने के कारण उनकी पेशानी पर भी बल पड़ रहा है। पलामू जिला ही नहीं पूरे पलामू पलामू प्रमंडल में उर्वरक खासकर यूरिया की किल्लत बढ़ गयी है। पलामू जिला कृषि पदाधिकारी अरूण कुमार ने स्वीकार किया है कि 12,460 मिट्रिक टन यूरिया की जरूरत का आकलन किया गया था परंतु अभी तक 7,829 मिट्रिक टन ही यूरिया ही पलामू जिले को प्राप्त हुआ है। कृषि वैज्ञानिकों ने धान की फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई सुझाव हिन्दुस्तान अखबार के माध्यम से दिये हैं जिसमें धान की फसल से खर-पतवार की निकासी कर यूरिया खाद का छिड़काव करने की सलाह दी है। पलामू के छतरपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक राधाकृष्ण किशोर ने एक पखवाड़ा पूर्व जिले में खाद किसानों की खाद से जुड़ी समस्या को उठाते हुए जिला प्रशासन व सरकार से त्वरित कदम उठाने की मांग की थी। अब भवनाथपुर से भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पलामू प्रमंडल में यूरिया खाद की भारी किल्लत हो जाने का मामला उठाया है। उन्होंने लिखा है कि दुकानदार 266 रुपये मूल्य का यूरिया खाद का बोरा 650 से 700 रुपये में बेच रहे हैं। मुख्यमंत्री कृषि आर्शीवाद योजना बंद हो जाने से किसान खुद को बेबस समझ रहे हैं। यूरिया खाद की किल्लत किसानों की कमर तोड़कर रद दी है। विधायक श्री शाही ने मुख्यमंत्री से एक सप्ताह के अंदर पलामू प्रमंडल के तीनों जिलों में खाद की कालाबाजारी रोकने व किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। पलामू के बड़े किसानों में एक और भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रेम सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों को छलने का काम कर रही है। सरकार के पदाधिकारी गलत आकड़ा प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को यूरिया खाद सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध नहीं हो रहा है। किसानों को कालाबाजार से यूरिया खाद खरीदना पड़ रहा है। परंतु अधिकारी समुचित कदम नहीं उठा रहे हैं। प्रेम सिंह ने कहा कि सरकार अबतक आवश्यक मात्रा में खाद का आवंटन क्यों नहीं कर पा रही है यह किसानों को समझ नहीं आ रही है।
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