पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
रांची में आंदोलनरत 1000 सहायक पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज, बड़ा सवाल- क्या हेमंत सरकार में भी अधिकार मांगना अपराध है।
पलामू समाचार केंद्र
दीपक कुमार तिवारी
राजधानी रांची में तीन दिन से आंदोलन कर रहे सहायक पुलिसकर्मियों के खिलाफ आज शाम बड़ी कार्रवाई की गयी। आंदोलनरत 2,350 सहायक पुलिसकर्मियों में से 1000 (एक हजार) पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. इनमें से 20 लोगों को नामजद किया गया है. इससे पहले, सुबह एक बार फिर सरकार के प्रतिनिधियों के साथ इनकी वार्ता हुई, जो विफल रही. ये लोग अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन पर डटे हुए हैं।
नक्सलियों से लड़ने के लिए तीन साल पहले बहाल किये गये 2,350 सहायक पुलिसकर्मियों का आंदोलन आज तीसरे दिन भी जारी रहा. 12 जिलों से आये ये सहायक पुलिसकर्मी दिन की तपती धूप हो या रात, खुले आसमान के नीचे ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में अपनी मांगों के समर्थन में डटे रहे. इन्हें राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिलने लगा है. इस दौरान आंदोलन में शामिल महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कई महिलाओं की गोद में उनके छोटे-छोटे बच्चे भी हैं।
शनिवार (12 सितंबर, 2020) की रात को रांची रेंज के डीआइजी अखिलेश झा, रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा और गृह सचिव राजीव अरुण एक्का के साथ उनकी वार्ता विफल हो गयी थी. इसके बाद कोई सरकारी अधिकारी उनसे बात करने नहीं आया. शनिवार को अधिकारियों ने आंदोलन कर रहे सहायक पुलिसकर्मियों से कहा था कि क्षेत्र में धारा 144 लगा हुआ है, इसलिए मोरहाबादी मैदान को खाली कर दें. लेकिन, आंदोलनकारी इस बात पर अड़े रहे कि जब तक मुख्यमंत्री उनसे बात नहीं करेंगे, वह अपनी जगह से नहीं हिलेंगे।
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