पलामू समाचार केन्द्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो 6202682271 अधिवक्ता रामप्रवेश प्रजापति ने शुरू किया ‘न्याय-आश्रय एवं ई-सेवा केंद्र’गरीबों को मुफ्त कानूनी सलाह, पाटन (पलामू) पलामू जिले के लोगों को डिजिटल सेवाओं और न्याय की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से पाटन प्रखंड में समाज सेवा और सादगी का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। जिले के अधिवक्ता रामप्रवेश प्रजापति, जिन्हें लोग ‘हरे कृष्णा सर’ के नाम से जानते हैं, ने चैत्र प्रतिपदा (हिंदू नव वर्ष) के शुभ अवसर पर जांघासी पंचायत में जिले के पहले निजी ‘न्याय-आश्रय एवं ई-सेवा केंद्र’ का उद्घाटन किया। कृष्ण भक्त एवं इस्कॉन से जुड़े अधिवक्ता प्रजापति ने बताया कि वकालत के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और कानूनी समस्याओं को करीब से देखा। इसी अनुभव से प्रेरित होकर उन्होंने संकल्प लिया कि न्याय व्यवस्था केवल अदालतों तक सीमित न रहकर हर गरीब व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। केंद्र का शुभारंभ पारंपरिक फीता काटने के बजाय ‘फीता जोड़कर’ किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अधिवक्ता का कर्तव्य समाज को जोड़ना है और सच्ची समाज...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक कुमार तिवारी
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है. सोमवार शाम को 84 साल की उम्र में प्रणब मुखर्जी ने अंतिम सांस ली. वो पिछले कई दिनों से बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे. बीते दिनों प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, उनकी सर्जरी भी हुई थी. प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर प्रणब मुखर्जी के निधन की जानकारी दी।
पूर्व राष्टृपति भारतरत्न स्वर्गीय प्रणव मुखर्जी जी का जन्म पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में कामदा किंकर मुखर्जी और राजलक्ष्मी मुखर्जी के यहाँ हुआ था! उनके पिता 1920 से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय होने के साथ पश्चिम बंगाल विधान परिषद में 1952 से 64 तक सदस्य और वीरभूम (पश्चिम बंगाल) जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके थे!उनके पिता एक सम्मानित स्वतन्त्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन की खिलाफत के परिणामस्वरूप 10 वर्षो से अधिक जेल की सजा भी काटी थी!
प्रणव दादा का जन्म चुकी स्वतंत्रता सेनानी के घर में हुआ था, उन्हे भारतीय राजनीति मे गहरी रुचि रही! वे भारतीय राजनीति मे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह कर देश को आगे ले जाने का काम किया! न्यूयॉर्क से प्रकाशित पत्रिका, यूरोमनी के एक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 1984 में दुनिया के पाँच सर्वोत्तम वित्त मन्त्रियों में से एक प्रणव मुखर्जी भी थे, जो देश के गौरव की बात है!
उन्हें सन् 1997 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का अवार्ड भी मिला!
वित्त मन्त्रालय और अन्य आर्थिक मन्त्रालयों में राष्ट्रीय और आन्तरिक रूप से उनके नेतृत्व का लोहा माना गया! वह लम्बे समय के लिए देश की आर्थिक नीतियों को बनाने में महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं!
उनके नेत़त्व में ही भारत ने अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के ऋण की 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर की अन्तिम किस्त नहीं लेने का गौरव अर्जित किया! सन 1980-1985 के दौरान प्रधानमन्त्री की अनुपस्थिति में उन्होंने केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल की बैठकों की अध्यक्षता भी की!
उन्हें सन् 2008 के दौरान सार्वजनिक मामलों में उनके योगदान के लिए भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से नवाजा गया! उन्होंने 25 जुलाई 2012 को भारत के तेरहवें राष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली!
प्रणव मुखर्जी जी को 26 जनवरी 2019 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
Comments
Post a Comment