पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
पलामू समाचार केंद्र
दीपक तिवारी
मेदिनीनगर प्रतिनिधि
होली का त्योहार आज के बाद खत्म हो जाएगा। झारखंड विधानसभा का सत्र भी 25 मार्च को खत्म हो रहा है। इसके बाद अब झारखंड पंचायत चुनाव की घोषणा होने वाली है। इस बारे में चुनाव आयोग किसी भी दिन तारीखों का एलान कर सकता है।
अब झारखंड पंचायत चुनाव की घोषणा होने वाली है
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने अप्रैल-मई के बीच हर हाल में पंचायत चुनाव संपन्न् कराने की योजना बना रखी है। चार चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। इसकी रूपरेखा बनकर तैयार है। आज शनिवार को होली का आखिरी दिन है। इसके बाद 25 मार्च को झारखंड विधानसभा का बजट सत्र भी संपन्न हो जाएगा। इसके दूसरे दिन झारखंड पंचायत चुनाव की औचारिक घोषणा संभावित है। राज्य सरकार ने अपनी ओर से इसके लिए तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगा।
मालूम हो कि झारखंड पंचायत चुनाव 2022 को लेकर गांव से शहर तक लोग प्रतीक्षारत हैं। चुनाव नहीं होने से सरकार पंचायतों का दो बार कार्यकाल बढ़ा चुकी है। लेकिन पंचायती राज से जुड़े लोग चाहते हैँ कि किसी तरह से जल्द चुनाव हो जाए। गांवों में सरकार गठित हो जाए। राज्य सरकार भी चाहती है कि जल्द से जल्द चुनाव करा लिए जाएं, क्योंकि केंद्र सरकार से मिलने वाला अनुदान चुनाव नहीं होने के कारण ही बंद है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बीते दिनों यह जानकारी झारखंड विधानसभा में साझा कर चुके हैं।
चुनावी घोषणा के साथ ही आयोग हो जाएगा पूरी तरह सक्रिय
मालूम हो कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को कई शक्तियां स्वत: मिल जाती हैं। सरकार और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही काफी बढ़ जाती है। इस दौरान सरकार किसी भी तरह के आरोप से बचना चाहती है। सोच-समझकर सरकारी कार्यक्रमों का संचालन करती है। जिस तरह से लोकसभा और विधानसभा चुनावों में आदर्श आचार संहिता का पालन होता है, उसी तरह से पंचायत चुनाव में भी इसका पालन सुनिश्चित करना होता है। चुनाव आयोग उतना ही सक्रिय नजर आता है।
ऐलान के बाद इन गतिविधियां पर पाबंदी
चुनावी इलाकों में सरकारी वाहनों से सायरन आदि निकाल दिए जाएंगे। पंचायत भवनों पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विधायक और मंत्री का फोटो नहीं लगा सकते हैं। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सरकार अपनी विकास योजनाओं का विज्ञापन नहीं कर सकती है। झारखंड सरकार के मंत्री, विधायक और अन्य नेता किसी भी तरह का शिलान्यास नहीं करेंगे। झारखंड सरकार के मंत्री, विधायक और अन्य नेता किसी सार्वजनिक कार्यक्रम का उदघाटन नहीं करेंगे। झारखंड सरकार चुनाव क्षेत्रों में नई योजनाओं की घोषणा नहीं कर सकती है। लुभावने वादे नहीं कर सकती है। चुनाव वाले क्षेत्रों में झारखंड सरकार अपनी योजनाओं के विज्ञापन के लिए होर्डिंग्स बोर्ड आदि नहीं लगा सकती है। सरकार या कोई भी व्यक्ति चुनाव प्रभावित करने की नीयत से पेड न्यूज नहीं दे सकता है।
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