पलामू समाचार केंद्र पाटन प्रतिनिधि रामाशीष कुमार मो:- 6202682271 नावा बाजार (पलामू) जल संरक्षण पखवाड़ा 2026 के तहत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय,चेचनहा में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में जल संरक्षण से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार की अहम भूमिका रही। वहीं सहायक शिक्षक निशांत भास्कर,राजेश कुमार गुप्ता,संयोजिका शारदा देवी एव उप संयोजिका रामपति देवी, सरिता देवी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि जल जीवन का आध...
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दीपक कुमार तिवारी
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पूरे झारखंड में टमाटर की खेती के लिए मशहूर पटमदा के किसान इन दिनों अज्ञात वायरस की वजह से परेशान हैं। टमाटर की फसल वायरस से बर्बाद हो रही है। इस समस्या के निदान के लिए कुछ किसान बाबाओं के चक्कर काट रहे हैं।
पटमदा के दर्जनों गांवों में लगी सैकड़ों एकड़ टमाटर की फसलें नष्ट हो रही हैं। बोड़ाम में भी लगातार टमाटर और गोभी के पौधे नष्ट हो रहे हैं। हालांकि अन्य फसलों को उतना नुकसान नहीं हुआ है। बेलटांड़ बाजार के बीज दुकानदार मनोज कुमार कुशवाहा, गौतम कुमार पांडेय व फणीभूषण महतो ने बताया कि बीज कंपनी या विशेषज्ञों के निर्देशानुसार कीटनाशकों के लगातार छिड़काव के बावजूद इसमें सुधार नहीं होने से किसानों के साथ उनलोगों को भी चिंता सता रही है। एक ओर जहां राज्य सरकार पूर्वी सिंहभूम जिले में टमाटर का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने की योजना पर कार्य कर रही है, वहीं जिले में सर्वाधिक टमाटर का उत्पादन करने वाले पटमदा क्षेत्र में खेती प्रभावित होने से यह सपना कैसे पूरा होगा।
फसल नष्ट होने के बाद सरसो बो रहे किसान
लावजोड़ा गांव निवास दुर्गाचरण महतो, कालीपद गोराई, गौरडीह के रोहिन चंद्र गोराई, लावा के बिरिंची गोराई ने बताया कि इस साल अबतक जिस प्रकार का मौसम है, वह टमाटर की खेती के अनुकूल नहीं है। दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी एवं रात को भी गर्म हवा चलने से वायरस का प्रकोप अधिक हो रहा है। चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं और सुबह से शाम तक प्रतिदिन जब पौधों की गिनती कर रहे हैं तो 10 प्रतिशत कम ही मिल रहा है। लावा गांव के किसान बिरिंची गोराई ने जाल्ला गांव में लीज की करीब 3 एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती की थी जिनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने सोमवार को उक्त जमीन की जुताई करने के बाद सरसों का बीज छिड़क दिया, ताकि कुछ पूंजी आ जाए। क्षेत्र के कुछ किसान तमाम उपाय करने के बाद भी जब फायदा नहीं हुआ तो बाबाओं का चक्कर काट रहे हैं। उन्हें लगता है कि दवा छिड़काव से जो काम न हो सका, वह शायद टोना-टोटका से हो जाए।
दिल्ली तक जाता है यहां से टमाटर
पटमदा, लावा, जाल्ला, पाथरडीह, लावा, रांगाटांड़, पटमदा बस्ती, सुंदरपुर, लायाडीह, धाधकीडीह, महुलबना, लोवाडीह, दिघी, अपो, चुड़किनडीह, बांसगढ़, चुड़दा, लच्छीपुर, बांधतोड़िया, जोड़सा, बिरखाम, नामसोल, रूपसान, गौरडीह, बोड़ाम, कुईयानी, पगदा व लायलम समेत सौ से अधिक गांवों में टमाटर की प्रचुर मात्रा में खेती होती है और उसका निर्यात जमशेदपुर शहर के अलावा बिहार, बंगाल, ओडिशा व दिल्ली तक होता है, लेकिन अभी जो स्थिति है किसी के खेतों में फूल और फल लगने के बावजूद पौधों का मरना लगातार जारी है। क्षेत्र के लिए यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
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