मामले में मुख्यालय डीएसपी दिलीप खलखो ने उन्हें रोकने का पूरा प्रयास किया। सहायक पुलिसकर्मियों ने हाथ जोड़कर उन्हें ऐसा नहीं करने का आग्रह किया। डीएसपी ने जब काफिले को रोकने का प्रयास किया तो वे उन्हें धक्का देकर आगे निकल गए।
राजभवन, सीएम आवास और विधानसभा का किया जाएगा घेराव
सहायक पुलिसकर्मी आरक्षी के पद पर सीधी नियुक्ति को लेकर 10 दिनों से आंदोलनरत थे। उनकी नियुक्ति 2017 में तत्कालीन भाजपा सरकार में की गयी थी। तीन साल के लिए अनुबंध पर नियुक्त सहायक पुलिसकर्मियों को आरक्षी के पद पर नियुक्त कर लेने की अधिसूचना भी जारी की गई थी। इसी बीच झारखंड में सरकार बदल गयी।
सहायक पुलिसकर्मियों को आरक्षी के रूप नियुक्ति के बजाय उनका अनुबंध भी समाप्त कर दिया गया। एक दिन का सामूहिक कार्य बहिष्कार, काला बिल्ला लगाकर कार्य करने और अनिश्चितकालीन धरना के बाद वे राजभवन, सीएम आवास और विधानसभा का घेराव करने के लिए पद यात्रा करते हुए रांची के लिए रवाना हो गए।
डीएसपी ने रोकने का किया पूरा प्रयास
एसपी के निर्देश पर मुख्यालय डीएसपी दिलीप खलखो ने उन्हें रांची जाने से रोकने का पूरा प्रयास किया। उनकी सारी मांगों पर बैठकर बात करने की बात कही। उन्होंने वर्दी में जंगल के रास्ते रांची जाना असुरक्षित बताया, लेकिन सहायक पुलिसकर्मियों ने उनकी एक न मानी। उल्टे यह कहकर उनका मुंह बंद कर दिया कि उन्हें यह कहकर वेतन नहीं दिया गया कि उनका अनुबंध समाप्त हो गया है।
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